
बर्लिन.जर्मनी सरकार ने नए कानून में बच्चों को खसरेका टीका लगवानाअनिवार्य कर दिया है। जो माता-पिता ऐसा नहीं करेंगे, उनसे 2750 डॉलर (करीब 2 लाख रु.) जुर्माना वसूला जाएगा।खसरा प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अभिभावकोंको इसके सबूत देने होंगे कि उनके बच्चे को स्कूल या किंडरगार्टन में एडमिशन से पहलेखसरे का टीका लगाया जा चुका है। इससे बचाव के लिए वैक्सीन की दो खुराक जरूरत होती हैं।
खसराएक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा के जरिए फैलती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि कम्युनिटी फैसिलिटी के मेडिकल स्टाफ, डेकेयर वर्कर्स, शिक्षकों और श्रमिकों को भी इस अधिनियम के तहत टीका लगाया जाना है। यह मार्च 2020 में लागू होने वाला है।
खसरा दूषित सतह को छूने से भी फैलताहै। इसमें बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखों में पानी आना और शरीर पर लाल निशान बनने लगतेहैं।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जर्मनी में जनवरी से अक्टूबर के बीच खसरे के 501 मामले सामने आए। नए कानून के अनुसार माता-पिता को टीकाकरण का सर्टिफिकेट देना होगा।
95% आबादी को खसरेका टीका लगाने की जरूरत
मंत्रालय के अनुसार, बिना टीकाकरण वाले बच्चों पर शुल्क लगाया जाएगा। साथ ही उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा।यूनिसेफ के अनुसार, 2018 में दुनियाभर में लगभग 3,50,000 खसरे के मामलेदर्ज किए गए। यह आंकड़ा 2017 से दोगुना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 95% आबादी को खसरेका टीका लगाया जाना चाहिए।
इटली में भी टीकाकरण अनिवार्य
मार्च में इटली में भी टीकाकरण को अनिवार्य कर दिया गया। प्रशासन ने माता-पिता को चेतावनी दी थी कि अगर बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है तो उन्हें स्कूल न भेजा जाए। अगर बिना टीकाकरण वाले बच्चे स्कूल में मिले तो उनके माता-पिता को 500 यूरो (करीब 40 हजार रुपए) जुर्माना भरना पड़ेगा।
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