
नई दिल्ली. रेलवे ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें कोच खुद बताएगा कि पानी खत्म होने वाला है। रेलवे बोर्ड के सदस्य (चल परिसंपत्ति) राजेश अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि इस उपकरण का नाम 'वाटर सेंसिंग' है। इसे साल के अंत तक सभी यात्री ट्रेनों के कोचों में लगाया जाएगा। टंकी में जैसे ही पानी आधे से कम रह जाएगा, वैसे ही यह सेंसर पानी भरने की सुविधा वाले अगले स्टेशन पर संदेश भेज देगा।
इस परियोजना की शुरुआत पिछले साल की गई थी। अब तक 5% कोचों में सेंसर लगाए जा चुके हैं। साल के अंत तक अन्य ट्रेनों में सेंसर लगाने का काम पूरा हो जाएगा। दूसरी ओर रेलवे ने हर तरह के कोच बनाने की क्षमता हासिल कर ली है। अब रेलवे की नजर निर्यात बढ़ाने पर है।
100 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी मालगाड़ी
इधर, रेलवे ने 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ियां चलाने की परीक्षण पूरा कर लिया है। इससे माल ढुलाई में समय की बच होगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। वर्तमान में 22 टन वाले वैगनों से ढुलाई होती है। इन वैगनों वाली मालगाड़ियों की रफ्तार 75 किमी तक होती है।
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