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हमारा सवाल है कि क्या सुधारों को हमारी राजनीति के केंद्र में लाया जा सकता है? या, इन्हें किस्तों में और चोरी से लागू करने का सिलसिला जारी रहेगा

कई बार राजनीतिक टिप्पणीकारों पर बुद्धिजीवी जिमनास्ट कहकर व्यंग्य कसा जाता है। तो हम इसी छवि के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय विवाद ट्रिब्यूनल द्वारा 20,000 करोड़ के टैक्स मामले में वोडाफोन के पक्ष में दिए गए फैसले और बिहार में होने वाले चुनावों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं। ये दोनों ही मामले पुरानी के मुकाबले नई अर्थव्यवस्था और नई राजनीति के लिए एक चुनौती और अवसर उपलब्ध कराते हैं।

वोडाफोन का यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब पिछले तीन दशकों से अर्थव्यवस्था और राजनीति के पुराने तरीकों के सबसे बड़े पक्षकार प्रणब मुखर्जी का निधन हुआ है। उनके साथ कई दशकों में हुई बातचीत के आधार पर मैं कह सकता हूं कि ट्रिब्यूनल के फैसले पर भी उनकी प्रतिक्रिया काफी गुस्से भरी होती और वे यह कहते कि हम एक संप्रभु राष्ट्र है और यह फैसला देने वाले वे कौन होते हैं। वह तत्काल ही इस फैसले को चुनौती देते और पूरे गणराज्य की ताकत इसके पीछे लगा देते।

फिर बिहार चुनाव मोदी सरकार के उन सुधारों के बाद हो रहे पहले चुनाव हैं, जिनपर गर्व करते हुए वह अपने विरोधियों पर तंज कसती है: आप कहते थे कि हमने कोई बड़ा सुधार नहीं किया? आप इनके बारे में क्या कहेंगे? कृषि और श्रम से जुड़े इन दोनों ही सुधारों से आर्थिक संकट से जूझ रहे वोटरों के बड़े हिस्से में कुछ समय के लिए नाराजगी उत्पन्न हो सकती है।

यह देखना रोचक होगा कि मोदी और अमित शाह बिहार चुनाव अभियान कैसे तैयार करते हैं। क्या वे इन सुधारों व जोखिम लेने की क्षमता का प्रचार करेंगे? या सिर्फ महामारी के दौरान बांटे गए अनाज और पैसों की बात करेंगे? राजनीतिक अनुभव कहता है कि चुनाव प्रचार में सुधार या भविष्य में संपन्नता के वादे टालने चाहिए। वह पुरानी गरीबी ही है, जो वोट दिलाती है। एक खराब अर्थव्यवस्था के बावजूद मोदी की 2019 की जीत में काफी हद तक घरेलू गैस, शौचालय और मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं की भूमिका थी, जिन्होंने गरीबों पर असर डाला। बड़े व गरीब राज्य बिहार में मोदी कौन-सी राह चुनेंगे?

वोडाफोन पर आदेश और बिहार चुनाव मोदी के सामने दोहरी चुनौती पेश करते हैं। पुरानी अर्थव्यवस्था व पुरानी राजनीति तो कहती है कि वह ट्रिब्यूनल के ऑर्डर को चुनौती दें और बिहार में सौगात बांटने की बात करें। लेकिन, अगर यदि वह साहस दिखाएंगे तो वोडाफोन मामले में निर्णय को मानेंगे और बिहार में सुधार व संपन्नता के आधार पर प्रचार करेंगे। परंतु यह बिहार में मोदी के गठबंधन को चुनाव जीतने की गारंटी देगा या नहीं, हम नहीं कह सकते। नई अर्थव्यवस्था के खिलाफ पुरानी राजनीति के जबरदस्त तर्क हैं। सुधारों का दर्द तत्काल होता है और यह अनेक लोगों को प्रभावित करते हैं।

इसका फायदा बहुत बाद में होता है और इसके बाद भी यह अनेक को नाखुश छोड़ देता है। यूपीए के सत्ता में आने के बाद जब बिल क्लिंटन 2006 में भारत आए तो उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने भाषण में इस बात को अच्छे से बताया। उन्होंने कहा कि हम सभी चकित हैं कि वाजपेयी सरकार भारत की विकास दर को सात फीसदी पर पहुंचाने के बाद भी चुनाव हार गई। जब आपकी विकास दर इतनी ऊंची हो तो आप चुनाव कैसे हार सकते हैं? क्योंकि इससे फायदे में दिखने वाले लोग पीछे छूट गए लोगों की तुलना में बेहद कम होते हैं।

यह राजनीति की कड़वी सच्चाई है। देश का शहरी मध्य वर्ग, जो बीते तीन दशक में मनमोहन सिंह और कांग्रेस के कारण समृद्ध हुआ, उसने 2014 में भाजपा को जमकर वोट दिया। वाम दलों और लालू प्रसाद यादव द्वारा अपने-अपने राज्यों में दशकों तक आधुनिकीकरण और वृद्धि को नहीं आने देने की यह एक वजह हो सकती है। उन्होंने लोगों को जाति और विचारधारा के बंकर में ही सड़ने दिया।

बिहार की राजनीति में हमेशा जटिल व स्थानीय मुद्दे हावी रहे हैं। परंतु यह चुनाव एक बुरे दौर में हो रहा है। बढ़ती महामारी, चीन समस्या और अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट है। साथ ही यह अनुभव कि सुधार और वृद्धि की बातें चुनाव में काम नहीं आतीं। खासतौर पर जब आप दोबारा जीतना चाहते हों। आप यह पूछें कि क्या मोदी ने 2014 में वृद्धि का वादा नहीं किया था तो हम बता दें कि तब वह तत्कालीन सत्ता को चुनौती दे रहे थे। 2019 में दोबारा जीतने के लिए लड़े तो मुद्दा पाकिस्तान और भ्रष्टाचार थे।

2004 में वाजपेयी इंडिया शाइनिंग के प्रचार के बावजूद चुनाव हार गए थे। कांग्रेस भी मानती है कि वह 1996 और 2014 का चुनाव सुधारों के कारण ही हारे। फिर मोदी जोखिम क्यों लेंगे? यदि वह सही मायनों में सुधारक और न्यूनतम सरकार में विश्वास करने वाले व्यक्ति हैं तो उन्हें वोडाफोन के भूत को दफन कर देना चाहिए। फिर वे बिहार में अपने राजनीतिक रूप से विवादास्पद सुधारों के साथ चुनाव करें।

इन दोनों कामों के लिए उन्हें अपनी राजनीतिक पूंजी दांव पर लगानी होगी। वह ऐसा कर पाते हैं या नहीं इससे ही हमारे मुख्य सवाल का जवाब मिलेगा। हमारा सवाल है कि क्या सुधारों को हमारी राजनीति के केंद्र में लाया जा सकता है? अन्यथा, इन्हें किस्तों में और चोरी से लागू करने का सिलसिला जारी रहेगा। (ये लेखक के अपने विचार हैं)



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शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’


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चीन में पाया जाने वाला 'कैट क्यू वायरस' भारत में संक्रमण फैला सकता है, 883 में से दो भारतीयों में मिली इसके खिलाफ एंटीबॉडीज

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक और वायरस का खतरा जताया है। ICMR के मुताबिक, चीन और वियतनाम में पाया जाने वाला कैट क्यू वायरस भारत में भी संक्रमण फैला सकता है।

देश में 883 लोगों के सीरम सैम्पल की जांच की गई, इसमें दो लोगों में कैट क्यू वायरस के खिलाफ काम करने वाली एंटीबॉडीज मिली हैं। एंटीबॉडीज शरीर में तभी मिलती हैं जब उससे जुड़े वायरस का संक्रमण हुआ हो।

मच्छर और सुअर से फैलता है कैट क्यू वायरस
ICMR के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के मुताबिक, इस वायरस के सबसे ज्यादा मामले चीन और वियतनाम में देखे गए हैं। यह वायरस क्यूलेक्स मच्छरों और सुअरों से फैलता है। देश में 2014 से 2017 के बीच सीरम कलेक्ट किया गया था।

इसकी जांच के दौरान 2 लोगों में कैट क्यू वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज मिलीं। इससे एक बात साफ है कि इनमें इस वायरस का संक्रमण हुआ है। हालांकि, अब तक भारत में यह वायरस किसी भी इंसान या जानवरों में नहीं मिला है।

दोनों ही मामले कर्नाटक से जुड़े
जिन दो लोगों में कैट क्यू वायरस की एंटीबॉडी (Anti-CQV IgG) मिली हैं, वो कर्नाटक से हैं। ICMR के मुताबिक, इंसानों और सुअरों के सीरम सैंपल्स की जांच होनी चाहिए ताकि पता चल सके कि कहीं यह वायरस हमारे बीच पहले से ही मौजूद तो नहीं है। भारत में क्यूलेक्स मच्छर की प्रजाति का विस्तार होने से इस वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।

कितना खतरनाक है कैट क्यू वायरस
यह खासतौर पर चीन और वियतनाम में क्यूलेक्स मच्छरों और सुअरों में पाया जाता है। यह वायरस खतरनाक है या नहीं, अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसका संक्रमण इंसेफेलाइटिस और मेनिनजाइटिस जैसे रोगों की वजह बन सकता है। मरीजों में बुखार, सिरदर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

चीन के सुअरों में बड़े पैमाने पर इसके खिलाफ एंटीबॉडीज मिल चुकी हैं। यह इस बात का संकेत है कि वहां वायरस फैल रहा है। इसमें मच्छरों और सुअरों के जरिए दूसरे जानवरों में फैलने की भी क्षमता है।



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cat Que Virus Icmr Warns Of Another Chinese Virus Which Could Spread Disease In Country all you need to know about cat Que Virus


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लीग का सबसे बड़ा टारगेट चेज करने वाली रॉयल्स 5 साल में केकेआर के खिलाफ एक ही मैच जीत सकी; यूएई में दो हाईस्कोर भी इसी टीम के नाम

आईपीएल के 13वें सीजन का 12वां मैच कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और राजस्थान रॉयल्स के बीच आज दुबई में खेला जाएगा। राजस्थान ने अपने पिछले मैच में लीग का सबसे बड़ा टारगेट चेज किया था। वहीं, केकेआर ने पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था। पिछले 5 साल की बात करें, तो राजस्थान की टीम केकेआर के खिलाफ सिर्फ एक मैच ही जीत पाई है। इस दौरान दोनों के बीच 5 मुकाबले खेले गए।

वहीं, इस सीजन में राजस्थान का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। उसने अपने दोनों मैच शारजाह में खेले हैं। दोनों बार 200 से ज्यादा रन का स्कोर बनाकर मैच जीते। केकेआर ने सीजन में अब तक दो मैच खेले हैं, जिसमें उसे एक में जीत मिली है और एक में हार का सामना करना पड़ा है।

दुबई में पिछले मैच में सुपर ओवर से निकला नतीजा
दुबई में खेले गए पिछले मैच में का नतीजा सुपर ओवर से निकला था। जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने मुंबई इंडियंस को हराया। आईपीएल इतिहास में पहली बार 200+ रन बनाने के बावजूद कोई मैच टाई हुआ है। इस मैच में बेंगलुरु ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 201 रन बनाए थे। इसके जवाब में मुंबई भी 5 विकेट पर 201 रन ही बना पाई।

सीजन में यहां कोई टीम चेज नहीं कर पाई
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में गेंदबाजों की भूमिका अहम होगी। इस सीजन में अब तक यहां 5 मैच खेले गए हैं। पांचों मैचों में यहां कोई भी टीम चेज नहीं कर पाई। दिल्ली-पंजाब और बेंगलुरु-मुंबई के मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ था, लेकिन दोनों मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को ही जीत मिली थी।

पिछले मैच के हीरो राहुल तेवतिया पर रहेगी नजर
पंजाब के शेल्डन कॉटरेल के एक ओवर में 5 छक्के लगाकर राजस्थान को जीत दिलाने वाले राहुल तेवतिया से इस मैच में भी वैसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी। तेवतिया ने पिछले मैच में शानदार फिफ्टी लगाकर अपनी टीम को हारा हुआ मैच जिताया था।

रॉयल्स टीम में स्मिथ, सैमसन और आर्चर की-प्लेयर्स
राजस्थान रॉयल्स में कप्तान स्मिथ के अलावा संजू सैमसन और जोस बटलर अहम बल्लेबाज हैं। ऑलराउंडर्स में टॉम करन और श्रेयस गोपाल रह सकते हैं। इनके अलावा बॉलिंग डिपार्टमेंट में इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाले जोफ्रा आर्चर के अलावा जयदेव उनादकट बड़े प्लेयर रहेंगे।

केकेआर के लिए गिल, रसेल और नरेन की-प्लेयर्स
कोलकाता को ऑफ स्पिनर और ओपनर बल्लेबाज सुनील नरेन के अलावा आंद्रे रसेल और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल से सबसे ज्यादा उम्मीदें होंगी। 2019 सीजन में रसेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 52 छक्के लगाए थे। आईपीएल में रसेल का सबसे ज्यादा 186.41 का स्ट्राइक रेट भी रहा है।

दोनों टीम के महंगे खिलाड़ी
राजस्थान में कप्तान स्मिथ 12.50 करोड़ और संजू सैमसन 8 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं। वहीं, कोलकाता के सबसे महंगे खिलाड़ी पैट कमिंस हैं। उन्हें सीजन के 15.50 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके बाद सुनील नरेन का नंबर आता है, जिन्हें सीजन के 12.50 करोड़ रुपए मिलेंगे।

हेड-टु-हेड
आईपीएल में राजस्थान और कोलकाता के बीच बराबरी की टक्कर रही है। दोनों के बीच अब तक 21 मुकाबले खेले गए। राजस्थान और कोलकाता ने 10-10 मैच जीते हैं। एक मैच बेनतीजा रहा

पिच और मौसम रिपोर्ट
दुबई में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। तापमान 27 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी। टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी। इस आईपीएल से पहले यहां हुए पिछले 61 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 55.74% रहा है।

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 61
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 34
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 26
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 144
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 122

कोलकाता ने 2 और राजस्थान ने एक बार खिताब जीता
आईपीएल इतिहास में कोलकाता ने अब तक दो बार फाइनल (2014, 2012) खेला और दोनों बार चैम्पियन रही है। वहीं, राजस्थान ने लीग के पहले सीजन में ही फाइनल (2008) खेला था। उसमें उसने चेन्नई को हराकर खिताब अपने नाम किया था।

आईपीएल दोनों टीमों का सक्सेस रेट लगभग बराबर
राजस्थान रॉयल्स ने लीग में अब तक 149 मैच खेले, जिसमें 77 जीते और 70 हारे हैं। 2 मुकाबले बेनतीजा रहे। वहीं, कोलकाता ने अब तक 180 में से 93 मैच जीते और 87 हारे हैं। इस तरह लीग में रॉयल्स की जीत सक्सेस रेट 52.04% और कोलकाता का 52.50% रहा।



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KKR Vs RR Head To Head Record IPL Dream Playing 11 Match Preview Kolkata Knight Riders vs Rajasthan Royals


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बाबरी मामले में सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला आज; लॉकडाउन में अंबानी ने हर घंटे कमाए 90 करोड़; दीपिका-श्रद्धा के खातों की जांच होगी

देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 51 लाख के पार हो गई है जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी बोले हैं कि अब कुछ लोग किसान बिलों का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनकी काली कमाई का एक और जरिया खत्म हो गया है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. IPL में आज राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने होंगे। शाम सात बजे टॉस होगा। मैच साढ़े सात बजे शुरू होगा।

2. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फैसला आएगा। इस केस में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती आरोपी हैं।

3. राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की आज आखिरी तारीख है।

4. 2018-19 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की भी आज आखिरी तारीख है।

अब कल की 6 महत्वपूर्ण खबरें

1. 6 महीनों से हर घंटे 90 करोड़ रुपए कमा रहे हैं मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी पिछले 6 महीने से हर घंटे 90 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह जानकारी हुरुन इंडिया और आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में दी है। 31 अगस्त 2020 तक 1,000 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा संपत्ति वाले 828 भारतीयों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। मुकेश अंबानी की कुल इनकम 6,58,400 करोड़ रुपए है।

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2. दलित लड़की से गैंगरेप, रीढ़ की हड्डी तोड़ी, जीभ काट दी

उतर प्रदेश के हाथरस जिले में जिस दलित लड़की का गैंगरेप हुआ था, उसने मंगलवार तड़के 3 बजे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में अंतिम सांस ली। 14 सितंबर को दरिंदों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ काट दी थी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। पिता ने बताया कि ये लोग गांव के ठाकुर हैं। मेरे पिता से भी मारपीट कर चुके हैं। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...

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3. मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग

चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल होंगे।

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4. एम्स ने सीबीआई को सौंपी सुशांत की विसरा रिपोर्ट

एम्स की टीम ने सुशांत सिंह राजपूत की विसरा रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को विसरा में किसी तरह का जहर नहीं मिला है। सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच के लिए 21 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में एम्स के पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी।

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5. बाबरी मस्जिद विध्वंस केस पर केंद्रित भास्कर एक्सप्लेनर

अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने के करीब 28 साल पूरे हो गए हैं। ढांचे को गिराने के क्रिमिनल केस की सुनवाई लखनऊ में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चल रही थी। विवादित ढांचे को गिराए जाने के मामले में 32 आरोपी हैं। इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और साक्षी महाराज आरोपी हैं।

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6. ड्रग्स मामले में दीपिका, सारा, श्रद्धा और रकुलप्रीत के बैंक खातों की जांच होगी

​​​​​​​सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुलप्रीत सिंह के बैंक खातों से हुए लेन-देन की जांच करेगा। इन एक्ट्रेस से NCB के अधिकारी ड्रग्स से जुड़ी वॉट्सऐप चैट के बारे में कई घंटे की पूछताछ कर चुके हैं।

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अब 30 सितंबर का इतिहास

1898ः अमेरिका में न्यूयॉर्क शहर की स्थापना हुई।

1993ः भारत के महाराष्ट्र में भूकंप के कारण 10,000 हजार से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि लाखों बेघर हो गए।

2010: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन को रामलला, निर्मोही अखाड़े और वक्फ बोर्ड में बराबर हिस्से में बांटने का फैसला सुनाया।

अब जाते-जाते जिक्र पांच बार के वर्ल्ड चेस चैम्पियन विश्वनाथन आनंद का। 2003 में आज ही के दिन भारतीय शतरंज के बादशाह विश्वनाथन ने विश्व रैपिड शतरंज चैम्पियनशिप जीती थी। पढ़िए उन्हीं के शब्दों में जीत का मूल मंत्र...

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Big decision of CBI court in Babri case today; Ambani earned 90 crores every hour in lockdown; Deepika-Shraddha's accounts will be investigated


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19 साल पहले माधवराव सिंधिया का प्लेन क्रैश हुआ था, 1984 में ग्वालियर सीट पर अटल जी को हराया था

हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में गए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया का प्राइवेट प्लेन 30 सितंबर 2001 को क्रैश हो गया था। वे कुछ पत्रकारों के साथ यूपी के मैनपुरी में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे, तब उनके सेसना सी-90 एयरक्राफ्ट ने आग पकड़ ली थी।

खास बात यह थी कि उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनका पार्थिव शरीर लाने के लिए विशेष विमान दिल्ली भेजा था। यह महत्वपूर्ण है कि सिंधिया ने ही 1984 में वाजपेयी को ग्वालियर में लोकसभा चुनाव में शिकस्त दी थी।

ग्वालियर के सिंधिया राजवंश में माधवराव का जन्म 10 मार्च 1945 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई सिंधिया स्कूल से और फिर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने हायर स्टडीज की। सिंधिया उस समय कांग्रेस में शामिल हुए थे, जब इंदिरा गांधी ने सत्ता गंवा दी थी। उन्हें सबसे सफल रेल मंत्रियों में से एक माना जाता है। उनके कार्यकाल में ही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई थी।

नरसिम्हा राव की कैबिनेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी हवाला कांड की वजह से 1996 में उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो उन्होंने मध्यप्रदेश विकास कांग्रेस बना ली थी। हालांकि, सीताराम केसरी के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही वे पार्टी में लौट आए थे।

1999 में जब सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठा तो सिंधिया को कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद का तगड़ा दावेदार समझा जाता था। सिंधिया लोकसभा में डिप्टी फ्लोर लीडर थे और उन्हें कांग्रेस प्रेसिडेंट और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी का विश्वासपात्र समझा जाता था। 1971 से 1999 तक वे सांसद रहे।

फर्राटेदार हिंदी और अंग्रेजी बोलने वाले ग्वालियर के पूर्व श्रीमंत सिंधिया की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत थी। एक और खास बात यह है कि वे हमेशा खेलों से जुड़े रहे। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहे।

2010: राम जन्मभूमि केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 30 सितंबर 2010 को विवादित बाबरी मस्जिद मामले में जमीन के मालिकाना हक को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने 2:1 के बहुमत से विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटकर रामलला, निर्मोही अखाड़े और वक्फ बोर्ड को एक-एक हिस्सा देने का फैसला सुनाया।

हालांकि, बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। पिछले साल नवंबर में फैसला आया कि विवादित जमीन पर राम जन्मभूमि बनना चाहिए और अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके लिए भूमिपूजन किया है।

आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है...

  • 1687ः औरंगजेब ने हैदराबाद के गोलकुंडा के किले पर कब्जा किया।
  • 1841ः अमेरिका के मशहूर वैज्ञानिक सैमुएल स्लॉकम ने 'स्टेप्लर' का पेटेंट कराया।
  • 1846: डॉ. विलियम मॉर्टन ने एनेस्थेशिया का इस्तेमाल कर पहली बार दांत निकाला।
  • 1947ः पाकिस्तान और यमन संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुए।
  • 1967ः अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मौद्रिक प्रणाली में सुधार किया।
  • 1975: AH-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने पहली बार उड़ान भरी।
  • 1984ः उत्तरी एवं दक्षिणी कोरिया के बीच 1945 के बाद पहली बार सीमाएं खोली गईं।
  • 1993ः महाराष्ट्र के लातुर में भूकंप के कारण 10,000 से अधिक लोग मारे गए। लाखों बेघर हुए।
  • 1996: तमिलनाडु की राजधानी का नाम मद्रास से बदलकर चेन्नई रखा गया।
  • 2001ः इजरायल की आतंरिक मंत्रिपरिषद ने फिलीस्तीन के साथ हुए समझौते को मंजूरी दी।
  • 2008: जोधपुर में मेहरानगढ़ फोर्ट के देवी मंदिर में भगदड़ से 200 से ज्यादा मौतें हुई थी।
  • 2013: कोर्ट ने चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया।


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Today History for September 30th/ What Happened Today | Madhav Rao Scindia Private Plane Crashed| Allahabad High Court Ordered Three Divisions of Disputed Land In Ayodhya | Earthquake in Latur Maharashtra in 1993


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भारत की आधी शहरी आबादी तोंद वाली! जानिए आपका कितना वजन आपको रखेगा आइडियल शेप में

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) ने 28 सितंबर को देश की खानपान आदतों पर एक रिपोर्ट जारी की है। What India Eats यानी भारत क्या खाता है टाइटल से प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के शहरों और गांवों में खानपान से जुड़ी आदतों में एक बहुत बड़ा गैप है।

यह रिपोर्ट कहती है कि शहरों में एब्डोमिनल ओबेसिटी यानी तोंद की समस्या 53.6% लोगों को यानी हर दूसरे व्यक्ति को है। वहीं, गांवों में यह 18.8% लोगों की समस्या है। बात जब ओवरवेट और ओबेसिटी (मोटापे) की आती है तो उसमें भी शहर (31.4% और 12.5%) गांवों (16.6% और 4.9%) से आगे है।

क्या बॉडी मास इंडेक्स का कैल्कुलेशन बदल गया है?

  • आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों का आदर्श वजन अब 60 किलो नहीं बल्कि 65 किलो है। इसी तरह महिलाओं का आदर्श वजन 50 नहीं बल्कि 55 किलो हो गया है। 2010 में जो सिफारिशें की गई थी, उसमें पांच किलो वजन बढ़ाया गया है।
  • भारतीय पुरुषों का आदर्श कद 5.6 फीट (171 सेमी) से बढ़ाकर 5.8 फीट (177 सेमी) हो गया है। महिलाओं का आदर्श कद भी 5 फीट (152 सेमी) से बढ़ाकर 5.3 फीट (162 सेमी) किया है। इससे बॉडी मास इंडेक्स (BMI) इंडेक्स निकालने का फार्मूला भी बदल सकता है।

क्यों खास है यह What India Eats रिपोर्ट?

  • दस साल पहले भी इस तरह की रिपोर्ट बनी थी, लेकिन तब गांवों का डेटा नहीं था। पहली बार अलग-अलग फूड ग्रुप्स से कुल एनर्जी, प्रोटीन, फैट्स और कार्बोहाइड्स का योगदान बताया गया है। इसमें दो राष्ट्रीय स्तर के सर्वे डेटा का इस्तेमाल किया गया है।
  • रिपोर्ट में माय प्लेट की सिफारिश की गई है। आपकी थाली में फूड्स का सही अनुपात क्या होना चाहिए, यह बताया है। इससे इम्युन फंक्शन मजबूत होगा। डाइबिटीज, हायपरटेंशन, कोरोनरी हार्ट डिसीज, स्ट्रोक, कैंसर, आर्थराइटिस आदि बीमारियों से बचा भी जा सकता है।
  • What India Eats रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 2015-16 के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे -4, नेशनल न्यूट्रिशन मॉनिटरिंग ब्यूरो, डब्ल्यूएचओ और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स 2015 की रिपोर्ट्स को स्टडी किया गया है।

क्या आपका खाना आपके शरीर की एनर्जी की जरूरतों को पूरा करता है?

  • नहीं। रिपोर्ट कहती है कि शहरों में क्रॉनिक एनर्जी डिफिशियंसी 9.3% थी, जबकि गांवों में यह 35.4% थी। इसका मतलब है कि गांवों में रहने वाला हर तीसरा व्यक्ति खानपान से जुड़े किसी न किसी विकार से जूझ रहा है। शरीर को एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने लायक खाना उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
  • रिपोर्ट कहती है कि शहरों में लोग हर दिन 1943 किलो कैलोरी ले रहे हैं, जो 289 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 51.6 ग्राम फैट्स, 55.4 ग्राम प्रोटीन से आ रही है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लोग 2081 किलो कैलोरी ले रहे हैं। यह 368 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 36 ग्राम फैट्स और 69 ग्राम प्रोटीन से आ रही है।
  • फूड ग्रुप्स देखें तो शहरों में 998 किलो कैलोरी अनाज से, 265 किलो कैलोरी फैट्स से और 119 किलो कैलोरी दालों-फलियों से आती है। वहीं, गांवों में एनर्जी सोर्स के तौर पर अनाजों की भागीदारी (1358 किलो कैलोरी) सबसे ज्यादा है। इसके बाद फैट्स (145), दाल व फलियां (144) आती है।
  • रिपोर्ट कहती है कि 66% प्रोटीन का सोर्स दालें, फलियां, नट्स, दूध, मांस होना चाहिए। लेकिन, ऐसा हो नहीं रहा। फल और सब्जियां कम खाने से डाइबिटीज और दूध व दूध के प्रोडक्ट्स कम खाने से हायपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) का खतरा बढ़ाता है।

एनर्जी सोर्स के तौर पर क्या अनाज पर निर्भरता सही है?

  • आईसीएमआर के हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के मुताबिक अनाज आपकी 45% एनर्जी का सोर्स होना चाहिए। हकीकत यह है कि शहरों में 51% और गांवों में 65.2% एनर्जी सोर्स के तौर पर अनाज का सेवन हो रहा है।
  • एनर्जी सोर्स के तौर पर दालों, फलियों, मांस, अंडे और मछली का योगदान 11% है, जबकि यह 17% होना चाहिए। इसी तरह, गांवों में 8.7% और शहरों में 14.3% आबादी ही दूध और दूध के प्रोडक्ट्स का सही मात्रा में सेवन करती है।
  • सब्जियों की सही मात्रा लेने वाले भी गांवों में सिर्फ 8.8% और शहरों में 17% ही है। यदि आप नट्स और ऑइल सीड्स की बात करें तो सिर्फ 22% आबादी गांवों में और 27% आबादी शहरों में इसका सही मात्रा में सेवन कर रही है।
  • यह रिपोर्ट कहती है कि शहरों में लोग एनर्जी की जरूरत का 11% हिस्सा चिप्स, बिस्कुट्स, चॉकलेट्स, मिठाइयों और ज्यूस से लेते हैं। वहीं, गांवों में स्थिति अच्छी है। वहां ऐसा करने वाले सिर्फ 4% है। अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन 5% ग्रामीण और 18% शहरी आबादी ही कर रही है।

माय प्लेट की सिफारिशें क्या कहती हैं?

  • रिपोर्ट में माय प्लेट के नाम से बताया है कि आपके लिए आदर्श थाली क्या होगी, जहां से आपको पर्याप्त एनर्जी मिलें और वह बेलेंस्ड डाइट कहलाएं। इसके लिए आपकी 45% कैलोरी/एनर्जी का सोर्स अनाज होना चाहिए। 17% कैलोरी/एनर्जी दालों और फ्लेश फूड्स और 10% कैलोरी/एनर्जी दूध और दूध के प्रोडक्ट्स से मिलना चाहिए। फैट इनटेक 30% या उससे कम होना चाहिए।
  • पहली बार सिफारिशों में फाइबर-बेस्ड एनर्जी इनटेक शामिल किया है। इसके अनुसार रोज 40 ग्राम फाइबर-युक्त भोजन सेफ है। 5 ग्राम आयोडिन या नमक और 2 ग्राम सोडियम की इनटेक लिमिट तय की गई है। 3,510 मिलीग्राम पोटेशियम भी शरीर में न्यूट्रिशनल वैल्यू जोड़ेगी।
  • सीडेंटरी, मॉडरेट और हेवी एक्टिविटी वाले पुरुषों के लिए 25, 30 और 40 ग्राम फैट्स की सिफारिश की गई है। इसी तरह की एक्टिविटी वाली महिलाओं के लिए फैट्स के इनटेक 20, 25 और 30 ग्राम प्रतिदिन सेट किए गए हैं। 2010 में पुरुषों और महिलाओं के लिए फैट इनटेक की सिफारिशें समान रखी गई थी।


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ICMR-Nutrition Institute of India releases What India Eats reports | Your Nutrition Guide | New Height and Weight Criterion for Indian Males and Females | Nutrition India | What You Should Eat


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35 लोगों की टीम रोज 12 घंटे काम कर रही; मोदी-शाह की वर्चुअल रैलियों के मैनेजमेंट से जातिगत समीकरण साधने तक की जिम्मेदारी

बिहार की राजधानी पटना में एक जगह है वीर चंद पटेल पथ। ये वो जगह है, जहां भाजपा का प्रदेश कार्यालय बना है। बिहार भाजपा के प्रदेश कार्यालय के मेन गेट से जब आप अंदर आएंगे, तो दाईं तरफ आपको एक पोर्टिको दिखेगा। पोर्टिको भी एक तरह से गेट ही होता है। पोर्टिको के अंदर से एक मेन गेट और है, इसकी दाहिनी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल का ऑफिस दिखेगा।

प्रदेश अध्यक्ष के दफ्तर जाने के भी दो रास्ते बने हैं। पहला तो सामने से ही है और दूसरा बाएं तरफ है। प्रदेश अध्यक्ष के दफ्तर के ठीक बगल में भाजपा ने बिहार चुनाव के लिए वॉर रूम तैयार किया है। इस वॉर रूम में अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग कैबिन बने हुए हैं। यहां चुनाव से जुड़े जरूरी या यूं कहें सबसे जरूरी काम हो रहे हैं।

इस पूरे वॉर रूम की जिम्मेदारी एक व्यक्ति को प्रभारी के रूप में दी गई है और यहां से चुनाव की सभी तैयारियों को आखिरी रूप दिया जा रहा है। भाजपा के वॉर रूम में 35 लोगों की टीम है, जो 12 घंटे काम कर रही है। उनके खाने-पीने की व्यवस्था पार्टी दफ्तर में ही हो रही है।

तो चलिए जानते हैं, भाजपा के इस वॉर रूम में जो अलग-अलग डिपार्टमेंट हैं, उनका क्या काम है...

वर्चुअल रैलियों की तैयारी
इस बार बिहार में बड़ी-बड़ी रैलियां तो नहीं होंगी। लिहाजा पार्टियां वर्चुअल रैलियों पर फोकस कर रही हैं। भाजपा ने काफी पहले से ही वर्चुअल रैलियों की शुरुआत कर दी थी। सबसे पहले जून में अमित शाह ने बिहार में वर्चुअल रैली की थी।

वर्चुअल रैली की तैयारियों को लेकर वॉर रूम में एक अलग सेगमेंट बनाया गया है, जिसमें आईटी से जुड़े लोग रैली की तैयारियों को देखते हैं। यहां बैठे लोग वर्चुअल रैलियां कब, कहां और कैसे करानी है, इसका पूरा प्लान तैयार करते हैं।

आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं की वर्चुअल रैली भी होनी है, उसकी तैयारियां भी इसी वॉर रूम में हो रही हैं।

बड़े नेताओं के कार्यक्रम की तैयारी
वॉर रूम में एक सेगमेंट सिर्फ बड़े नेताओं के कार्यक्रम की तैयारी करने के लिए बनाया है। बिहार में चुनाव प्रचार के लिए भाजपा के केंद्रीय स्तर के बड़े नेता आएंगे। ऐसे में उनके रहने, खाने-पीने की व्यवस्था की जिम्मेदारी इस सेगमेंट के लोगों के ऊपर है। इसके साथ ही आने वाले नेता, जहां प्रचार करने जाएंगे, वहां की व्यवस्था भी यही लोग करेंगे।

प्रदेश स्तर के नेताओं के कार्यक्रम की तैयारी
इसके साथ ही एक कैबिन प्रदेश स्तर के नेताओं के कार्यक्रम तय करने के लिए भी बनाया गया है। यहां तय हो रहा है कि किस नेता का किस क्षेत्र में ज्यादा प्रभाव है। ऐसे क्षेत्रों में उनका कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इन नेताओं को वहां जाकर जनसंपर्क करना है।

जातीय समीकरण देखने के लिए भी अलग कैबिन
कहा जाता है कि बिहार में रोटी, बेटी और वोट जाति देखकर ही दिया जाता है। बिहार की राजनीति में जाति ही बड़ा फैक्टर भी साबित होती है। इसलिए भाजपा ने अपने वॉर रूम में एक कैबिन ऐसा बनाया है, जिसका काम जातीय समीकरणों को देखते हुए उस जाति के नेताओं के कार्यक्रम तय करना है।

भाजपा के एक नेता को इसका प्रभारी बनाया गया है, जो ये तय करते हैं कि किस क्षेत्र में किस जाति का बड़ा वोट बैंक है और वहां उस जाति के बड़े नेता का कितना बड़ा प्रभाव है। इस वॉर रूम से ही तय होता है कि किस जाति के नेता को किस क्षेत्र में जाना है।

एक कैबिन इलेक्शन मैनेजमेंट और घोषणापत्र का
भाजपा के वॉर रूम में एक कैबिन इलेक्शन मैनेजमेंट और घोषणापत्र का है। मंत्री प्रेम कुमार की अध्यक्षता में एक टीम बनी है, जो घोषणापत्र पर काम कर रही है।

घोषणापत्र तैयार करने की अलग टीम
इसी तरह मंत्री मंगल पांडे की भी एक टीम है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव प्रचार कैसे किया जा रहा है, उन्हें किस तरह चुनाव प्रचार सामग्री चाहिए, चुनाव प्रचार करने वाली टीम को किस तरह की व्यवस्था चाहिए, इस पर काम कर रही है।

गोपनीय शाखा नाम से भी डिपार्टमेंट
भाजपा के वॉर रूम में एक गोपनीय शाखा नाम से डिपार्टमेंट भी है, जहां कोर टीम बैठकर चुनावी रणनीति तैयार करती है। विपक्षी पार्टियों को कैसे काउंटर करना है, सब यहीं से तय होता है। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इस डिपार्टमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।



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